शांति मंत्र
“ईश्वर हम दुनू (गुरु-शिष्य) क संग-संग रक्षा करथि, हम दुनू संग-संग भोजन (उपभोग) करी, आ संगहि मिलिकय महान कार्य करी। हमर सबहक ज्ञान तेजस्वी हो, आ हमरा सब मे कोनो द्वेष नहि हो। ॐ शांति।”
ॐ सह नाववतु । सह नौ भुनक्तु । सह वीर्यं करवावहै ।
तेजस्वि नावधीतमस्तु मा विद्विषावहै ।
ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥
“Om Saha Navavatu. Saha Nau Bhunaktu. Saha Viryam Karavavahai...”
