पाछाँ

यज्ञोपवीत (जनेऊ) धारण मंत्र

ritualjaneu
यज्ञोपवीतं परमं पवित्रं प्रजापतेर्यत्सहजं पुरस्तात् ।आयुष्यमग्रं प्रतिमुञ्च शुभ्रं यज्ञोपवीतं बलमस्तु तेजः ॥
भावार्थ

यज्ञोपवीत परम पवित्र अछि, जे प्रजापति ब्रह्मा क संग आदिकाल सं अछि। ई आयुवर्धक, श्रेष्ठ आ निर्मल अछि। एकरा धारण केला सं बल आ तेज क प्राप्ति होइत अछि।