पाछाँ

पुरान जनेऊ त्याग मंत्र

ritualjaneu
एतावद्दिन पर्यन्तं ब्रह्म त्वं धारितं मया ।जीर्णत्वात्त्वत्परित्यागो गच्छ सूत्र यथा सुखम् ॥
भावार्थ

हे सूत्र! एतेक दिन धरि हम अहाँक धारण कएलहुँ। आब अहाँ पुरान भ' गेल छी, तें हम अहाँक त्याग क' रहल छी। अहाँ सुखपूर्वक जाउ।