भौगोलिक उपदर्शन (GI) प्रमाणित

मिथिला धरोहर शिल्प आ जीआई शिल्पी मंच

हमर विश्व-प्रसिद्ध भौगोलिक उपदर्शन (GI) हस्तशिल्पक संरक्षण आ अहाँक सीधा प्रामाणिक ग्रामीण कारीगर समूह सँ जोड़ब।

मधुबनी / मिथिला चित्रकला
पारंपरिक ललित कला2007 (GI Tag #105)

मधुबनी / मिथिला चित्रकला

रांती आ जितवारपुरक जीआई पंजीकृत लोक कला

शिल्प केंद्र आ प्रमुख गाम: जितवारपुर आ रांती (मधुबनी)

प्राकृतिक रंग सभ (काजर, हरदी, नील, कुसुम) आ कमचिक सींक सँ निर्मित, जकर मुख्य रूप भरनी, कछनी, तांत्रिक, गोदना आ कोहबर अछि।

प्रमुख रूपांकन आ पारंपरिक उपयोग:
कोहबर कमलमछली (शुभ प्रतीक)सूर्य-चंद्रमाराधा-कृष्णजीवन-वृक्ष
सिक्की सोनहर घास हस्तशिल्प
हस्तशिल्प आ सजावट2007 (GI Tag #123)

सिक्की सोनहर घास हस्तशिल्प

मिथिलाक दलदली सोनहर घास सँ निर्मित पर्यावरण-अनुकूल कला

शिल्प केंद्र आ प्रमुख गाम: राजनगर, रामपुर आ मधुबनी

महिला शिल्पी लोकनि द्वारा सोनहर जंगली घास सँ हाथ सँ बुनैल पारंपरिक पौती (दहेज डलिया), मूर्ति आ सजावटी सामग्री।

प्रमुख रूपांकन आ पारंपरिक उपयोग:
पारंपरिक पौती डलियाहाथी आ मयूरमाँ लक्ष्मीक मूर्तिदीवारक सजावट
मिथिला मखाना
कृषि आ पौष्टिक आहार2022 (GI Tag #703)

मिथिला मखाना

मिथिलाक प्राचीन पोखरि सँ प्राप्त विश्व-प्रसिद्ध सुपरफूड

शिल्प केंद्र आ प्रमुख गाम: दरभंगा, मधुबनी, सहरसा, सुपौल

पोखरि मे हाथ सँ गोता लगाकऽ निकालल जाइबला मखाना, जकर विश्व मे ८५% सँ बेसी आपूर्ति अकेले मिथिलांचल सँ होइत अछि।

प्रमुख रूपांकन आ पारंपरिक उपयोग:
लावा मखानाखीर स्पेशल ग्रेडरोस्टेड ऑर्गेनिक स्नैक्सपंचामृत सामग्री
सुजनी रजाई आ कथात्मक कढ़ाई
वस्त्र आ हथकरघा2006 (GI Tag #74)

सुजनी रजाई आ कथात्मक कढ़ाई

कपड़ा पर धागा सँ लोक कथा उकेरिबला पुरान कढ़ाई कला

शिल्प केंद्र आ प्रमुख गाम: मुजफ्फरपुर आ दरभंगा सीमा

माय लोकनि द्वारा नवजात शिशु लेल कोमल सूती साड़ी सँ बनाओल जाइबला कथात्मक रजाई आ परदा।

प्रमुख रूपांकन आ पारंपरिक उपयोग:
महीन रनिंग स्टिचगामक जीवनक दृश्यजीवन-वृक्षमयूर रूपांकन

विशेष कलाकृति वा थोक आदेशक लेल संपर्क

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