मिथिलाक विभूति
मिथिलाञ्चलक पहचान बनेनिहार दिग्गज लोकनिक सम्मान।
Ancient Sages & Philosophers

महर्षि गौतम
महर्षि गौतम (अक्षपाद) ओ प्राचीन ऋषि छथि जे न्याय दर्शनक स्थापना कएलनि, जे भारतीय चिंतन पद्धतिय सँ एक अछि। मिथिलाक बौद्धिक केंद्र मे रहैत, ओ 'न्याय सूत्र' रचना कयलनि, जाहि मे तर्क, वाद आ ज्ञानमीमांसाक नियम सभ केँ संहिताबद्ध कएल गेल अछि। हुनकर अन्वीक्षिकी (तर्क) पद्धति सदी धरि भारतीय दर्शन केँ एकटा तार्किक ढांचा प्रदान कयलक। दरभंगाक निकट स्थित गौतम आश्रम हुनकर अमिट विरासतक प्रमाण अछि।
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महर्षि याज्ञवल्क्य
वैदिक कालक एकटा महान विभूति, महर्षि याज्ञवल्क्य 'बृहदारण्यक उपनिषद' क प्रमुख दार्शनिक छथि। राजा जनकक सभा मे प्रधान ऋषिक रूप मे, ओ आत्मा आ ब्रह्मक दर्शन (वेदांत) प्रतिपादन कएलनि। हुनका हिंदू कानून पर एकटा प्रमुख ग्रंथ 'याज्ञवल्क्य स्मृति' आ 'शुक्ल यजुर्वेद' श्रेय सेहो देल जाइत अछि। मैत्रेयी आ गार्गीक संग हुनकर संवाद, तत्वमीमांसाक जिज्ञासाक शिखर मानल जाइत अछि।
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मंडन मिश्र
मीमांसा आ अद्वैत वेदांतक ८म शताब्दीक प्रकांड विद्वान, मंडन मिश्र माहिष्मती (मिथिला) मे अपन घर पर महान आदि शंकराचार्यक संग ऐतिहासिक शास्त्रार्थ कएलनि। मूल रूप सँ कर्मकांडक कट्टर समर्थक, ओ अपन ऐतिहासिक वाद-विवादक बाद शंकरक सब सँ महान शिष्य (सुरेश्वराचार्य) मे सँ एक भ गेलाह। हुनकर रचना 'ब्रह्मसिद्धि' अद्वैत दर्शन मे एकटा महत्वपूर्ण ग्रंथ अछि।
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भारती
भारती (उभयभारती) मंडन मिश्रक विदुषी पत्नी छलीह आ प्राचीन मिथिला मे महिला बौद्धिक शक्तिक प्रतीक छलीह। ओ अपन पति आ आदि शंकराचार्यक बीच पौराणिक शास्त्रार्थ मे निष्पक्ष न्यायाधीशक भूमिका निभौलनि। जखन मंडन मिश्र हारि गेलाह, तखन ओ स्वयं कामशास्त्र आ गृहस्थ जीवनक विज्ञान पर शंकर केँ चुनौती देलनि, जाहि सँ संन्यासी केँ सेहो उत्तर खोजवाक लेल विवश होय पड़लनि। हुनका देवी सरस्वतीक अवतार मानल जाइत अछि।
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वाचस्पति मिश्र
९म शताब्दीक बहुश्रुत विद्वान आ भारतीय इतिहासक महानतम टीकाकार मे सँ एक। वाचस्पति मिश्र न्याय, सांख्य, योग, मीमांसा आ वेदांत सहित भारतीय दर्शनक प्रायः सभ प्रमुख शाखा पर आधिकारिक भाष्य लिखलनि। शंकरक कार्य पर हुनकर टीका, जाहि केँ 'भामती' (हुनकर पत्नीक नाम पर) कहल जाइत अछि, अद्वैत वेदांतक एकटा विशिष्ट उप-शाखा स्थापित कयलक जे मिथिला मे फली-फूली।
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विद्यापति
विद्यापति (१३५२–१४४८), जिनका 'मैथिल कोकिल' (मिथिलाक कोयल) क रूप मे पूजा कएल जाइत अछि, मैथिली साहित्यक शिखर पुरुष छथि। ओइनवार राजवंशक दरबारी कविक रूप मे, राधा-कृष्ण केँ समर्पित हुनकर गीत (पदावली) बंगाल आ उड़ीसा मे पूरा वैष्णव आंदोलन केँ प्रभावित कैलक। विशिष्ट रूप सँ, ओ 'लिखनावली' जकाँ कानूनी ग्रंथ आ भगवान शिव (उगना) आ गंगाक लेल भक्ति गीत सेहो लिखलनि। हुनकर कविता संस्कृतक अभिजात्य परंपरा आ जनसामान्यक लोकभाषाक बीचक खाई केँ पाटि देलक।
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गोनू झा
गोनू झा मिथिला लोककथाक प्रसिद्ध विदूषक आ बुद्धिमान मंत्री छथि, जिनका तुलना अक्सर बीरबल वा तेनाली रमन सँ कएल जाइत अछि। राजा हरिसिंहदेव (१४म शताब्दी) क समकालीन, हुनकर कथा सभ बुद्धि, हास्य आ व्यावहारिक ज्ञानक खजाना अछि। चाहे चोर केँ मात देब हो वा राजाक असंभव पहेली केँ सुलझाब, गोनू झा मैथिल चरित्र मे निहित तीक्ष्ण बुद्धि आ हास्यक प्रतिनिधित्व करैत छथि।
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नागार्जुन (यात्री)
वैद्यनाथ मिश्र, जिनका हुनक उपनाम नागार्जुन (हिंदी) आ यात्री (मैथिली) सँ नीक जकाँ जानल जाइत अछि, 'जनकवि' (जनताक कवि) छलाह। एकटा फक्कड़ यात्री आ मार्क्सवादी बुद्धिजीवी, हुनकर कविता किसानक संघर्ष आ कुलीन वर्गक भ्रष्टाचार केँ कच्चा रूप मे चित्रित कयलक। हुनकर मैथिली संग्रह 'पत्रहीन नग्न गाछ' केँ साहित्य अकादमी पुरस्कार भेटल। ओ आधुनिक भारतीय साहित्य मे सामाजिक यथार्थवादक एकटा सशक्त अवाज बनल छथि।
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चन्दा झा
कवीश्वर चन्दा झा (१८३१–१९०७) आधुनिक मैथिली साहित्यक पिता छथि। हुनका हुनकर महान कृति 'मिथिला भाषा रामायण' क लेल जानल जाइत अछि, जे महाकाव्य केँ जनभाषा मे फेर सँ सुनेलक। ओ ऐतिहासिक पांडुलिपि केँ इकट्ठा करबाक लेल मिथिलाक कोना-कोना क यात्रा कएलनि आ अहिना समय मे भाषा केँ संरचनात्मक रूप सँ पुनर्जीवित करबा मे महत्वपूर्ण भूमिका निभौलनि जखन ई पतनक सामना क रहल छल।
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रामधारी सिंह दिनकर
रामधारी सिंह 'दिनकर' (१९०८–१९७४) एकटा भारतीय राष्ट्रवादी कवि छलाह जिनका 'राष्ट्रकवि' क रूप मे सम्मानित कएल गेल। सिमरिया मे जन्मल, 'रश्मिरथी' आ 'कुरुक्षेत्र' मे हुनकर शक्तिशाली कविता स्वतंत्रता संग्राम केँ प्रेरित कयलक आ युद्धक नैतिकता पर सवाल उठेलक। हालाँकि ओ मुख्य रूप सँ हिंदी मे लिखलनि, मुदा मिथिलाक माटि मे हुनकर जड़ि हुनकर कार्य केँ वीरता (वीर रस) आ न्यायक उग्र भावना सँ भरि देलक।
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शारदा सिन्हा
शारदा सिन्हा (जन्म १९५२) निर्विवाद रूप सँ 'बिहार कोकिला' आ मिथिलाक सांस्कृतिक आत्माक अवाज छथि। एकटा पद्म भूषण पुरस्कार विजेता, लोक गीत, विशेष रूप सँ पवित्र छठि पूजा गीत केँ संरक्षित आ लोकप्रिय बनेबा मे हुनकर योगदान अद्वितीय अछि। हुनकर गीत केवल संगीत नहि अछि बल्कि विवाह सँ ल' क' छठि धरि मैथिल अनुष्ठानक एकटा अनिवार्य हिस्सा अछि। ओ अपन प्रामाणिक शुद्धता केँ बनैने राखैत मिथिलाक ग्रामीण धुन केँ वैश्विक मंच पर पहुँचाओलनि।
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उदित नारायण
उदित नारायण झा, जिनका जन्म बैसी (सुपौल) मे भेल छल, एकटा पार्श्व गायन किंवदंती छथि जे ३६ सँ बेसी भाषा मे हजारो गीत रिकॉर्ड कएने छथि। दशक धरि पसरल हुनकर करियर हुनका कतेको राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार आ पद्म भूषण दियौने अछि। बॉलीवुडक एकटा दिग्गज होयबाक बावजूद, ओ अपन जड़ि सँ गहराई सँ जुड़ल रहल छथि, नियमित रूप सँ मैथिली मे रिकॉर्डिंग करैत छथि आ भाषा केँ बढ़ावा दैत छथि। ओ एहि बातक प्रतीक छथि जे छोटे शहर मिथिलाक प्रतिभा कोना दुनिया जीत सकैत अछि।
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बउआ देवी
बउआ देवी एकटा अग्रणी छथि जे मधुबनी पेंटिंग केँ घरेलू देबाल कला परंपरा सँ एकटा विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त कला रूप मे बदलबा मे मदद कएलनि। १९६६ मे, अकालक दौरान, ओ बिक्रीक लेल कागज पर एहि चित्र सभ केँ उतारय वाली पहिल महिला सभ मे सँ एक छलीह। एकटा पद्म श्री पुरस्कार विजेता, हुनकर काज बोल्ड नाग (सर्प) रूपांकनक विशेषता अछि आ दुनिया भरिक संग्रहालय सभ मे प्रदर्शित अछि। ओ मिथिलाक महिला लोकनिक लचीलापन आ रचनात्मकताक प्रतिनिधित्व करैत छथि।
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गोदावरी दत्त
गोदावरी दत्त मधुबनी पेंटिंगक 'कचनी' (रेखा कला) शैलीक मास्टर छथि। रंगीन भरनी शैलीक विपरीत, कचनी आश्चर्यजनक रूप सँ विस्तृत पैटर्न बनेबाक लेल जटिल कारी आ लाल रेखा पर निर्भर करैत अछि। पद्म श्री प्राप्तकर्ता, ओ न केवल उत्कृष्ट कृति बनैने छथि, बल्कि हजारो महिला केँ प्रशिक्षित सेहो कएने छथि, जाहि सँ एहि प्राचीन तकनीकक अस्तित्व सुनिश्चित भेल अछि। हुनकर कला सटीकता आ धैर्यक साधना अछि।
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मैथिली ठाकुर
मैथिली ठाकुर २०२६ मे मिथिलाक एकटा सशक्त सांस्कृतिक राजदूत छथि।
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सुशांत सिंह राजपूत
सुशांत सिंह राजपूत (१९८६–२०२०) एकटा शानदार अभिनेता छलाह।
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मानस बिहारी वर्मा
मानस बिहारी वर्मा (१९४३–२०२१) एकटा वैमानिक वैज्ञानिक छलाह जे भारतक रक्षा क्षमता मे महत्वपूर्ण भूमिका निभौलनि। डॉ. एपीजे अब्दुल कलामक संग मिलि क' काज करैत, ओ लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA) 'तेजस' क लेल प्रोजेक्ट डायरेक्टरक रूप मे कार्य कएलनि। अपन उच्च पदक बावजूद, ओ सेवानिवृत्तिक बाद दरभंगा मे अपन पैतृक गाँव मे एकटा साधारण गांधीवादी जीवन व्यतीत केलनि, आ कोनो ग्रामीण बच्चा सभक विज्ञान शिक्षाक लेल समर्पित क' देलनि। ओ 'सादा जीवन, उच्च विचार' क एकटा ज्वलंत उदाहरण छथि।
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मैथिली ठाकुर
मैथिली ठाकुर एकटा युवा संगीत सनसनी छथि जे डिजिटल पीढ़ीक बीच पारंपरिक मैथिली लोक संगीत मे रुचि केँ अकेले ही पुनर्जीवित कएलनि अछि। शास्त्रीय संगीत मे प्रशिक्षित, ओ विद्यापति संगीत, छठि गीत आ रामचरितमानसक समृद्धि केँ प्रदर्शित करबाक लेल सोशल मीडियाक उपयोग करैत छथि। हुनकर प्रयास ने केवल मैथिली केँ फेर सँ 'कूल' बना देलक अछि, बल्कि क्षेत्र मे सांस्कृतिक पर्यटन केँ सेहो बढ़ावा देलक अछि। ओ बिहार खादी आ पर्यटनक लेल ब्रांड एंबेसडरक रूप मे कार्य करैत छथि।
जीवनी पढ़ू →क्रांति प्रकाश झा
एकटा प्रशंसित अभिनेता जे मुख्यधारा क सिनेमा मे मैथिली क प्रतिनिधित्व केलनि। 'एम.एस. धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी' आ वेब सीरीज 'रक्तांचल' मे अपन प्रभावशाली भूमिका लेल जानल जाइत छथि, ओ मनोरंजन उद्योग मे मैथिली भाषा आ कला क प्रचार-प्रसार लेल समर्पित छथि।
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भावना कंठ
फ्लाइट लेफ्टिनेंट भावना कंठ मिथिलाक बेटी सभक ऊंच उड़ान भरय वाली आकांक्षा क प्रतीक छथि। दरभंगा सँ ताल्लुक रखैत, ओ २०१६ मे भारतीय वायु सेना मे शामिल होय वाली पहिल तीन महिला फाइटर पायलट मे सँ एक बनि इतिहास रचि देलनि। मिग-२१ बाइसन उड़बैत, ओ भारतीय सेना मे अंतिम 'ग्लास सीलिंग' केँ तोड़ि देलनि। मिथिलाक मैदान सँ आसमान धरिक हुनकर सफर लाखो लड़की केँ बिना कोनो सीमाक सपना देखबाक लेल प्रेरित करैत अछि।
जीवनी पढ़ू →नितिन चंद्रा
एकटा राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्म निर्माता, जे अपन कलात्मक कहानीक माध्यम सँ मैथिली सिनेमा आ भाषाक पुनरुद्धार लेल समर्पित छथि।
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