Vivah (Wedding)
सीता स्वयंवर
मैथिली लोक संगीत एवं स्वर पाठ
तानपूरा की शास्त्रीय संगति के साथ पारंपरिक मैथिली गीत का आनंद लें अथवा स्वयं गायन करें।
वर्तमान गायन / वाचन पंक्ति (1 / 10)
“देखू देखू सखी हे, मिथिला नगरिया”
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मैथिली बोल
देखू देखू सखी हे, मिथिला नगरिया सिया जी के संगे बियाह रचावे, राम जी के गुजरिया। कौशल्या नंदन, दशरथ के नंदन चारु भाइ शोभित, जनक दुअरिया। लक्ष्मण, भरत, शत्रुध्न सँग सोहे राम चन्द्र जी के, सांवर सुरतिया। पान, मखान, और सजी रे डलिया स्वागत में ठाढ़, सब जनक नगरिया। धन्य-धन्य हे मिथिला, धन्य जनक दुलारी राम जी के पाबि भेल पूर्ण सब आस हमारी।
भावार्थ एवं संदर्भ
मिथिला नगरी में माता सीता के स्वयंवर और श्रीराम व चारों भाइयों के जनकपुर आगमन का पावन विवाह गीत।
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