जुग-जुग जियसु ललनवा
मैथिली लोक संगीत एवं स्वर पाठ
तानपूरा की शास्त्रीय संगति के साथ पारंपरिक मैथिली गीत का आनंद लें अथवा स्वयं गायन करें।
“जुग-जुग जियसु ललनवा, भवनवा के भाग जागल हो”
मैथिली बोल
जुग-जुग जियसु ललनवा, भवनवा के भाग जागल हो ललना लाल होइहें कुलवा के दीपक, मनवा में आस लागल हो। आजु के दिनवा सुहावन, रतिया लुभावन हो ललना दीदीया के होरिला जनमले, होरिलवा बडा सुन्दर हो। नकिया त हवै बाबूजी के, अँखिया बा दादाजी के हो ललना मुँहवा हवै चंदा सुरुजवा, त सगरो अंजोर भइल हो। सासू सुहागिन बड भागिन, अन धन लुटावेली हो ललना दुरा पर बजेला बधईया, त आंगनवा में सोहर हो। गावेली सोहर सुहावन, सखी सब मिली जुली हो ललना मंगल गावेली देवी, देवता सब खुस भइले हो।
भावार्थ एवं संदर्भ
नवजात शिशु के जन्म पर गाया जाने वाला पारंपरिक सोहर। इसमें शिशु की दीर्घायु ("जुग-जुग जियसु") और कुल का दीपक बनने की मंगलकामना की गई है।
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