Vivah (Wedding)
उबटन (हल्दी गीत)
मैथिली लोक संगीत एवं स्वर पाठ
तानपूरा की शास्त्रीय संगति के साथ पारंपरिक मैथिली गीत का आनंद लें अथवा स्वयं गायन करें।
वर्तमान गायन / वाचन पंक्ति (1 / 12)
“हरदी हरदी हरदी हे”
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मैथिली बोल
हरदी हरदी हरदी हे हरदी रंग रंगीले हे, हरदी पिअर पीतम्बर सोहे हे, हरदी। बाबा के आँगना में हरदी पिसाये त हमरो दुलहा के देहिया चढ़ाये हरदी रंग रंगीले हे। काका के आँगना में हरदी पिसाये त हमरो दुलहा के गालवा लगाये हरदी रंग रंगीले हे। मामा के आँगना में बाजा बाजये त हमरो दुलहा के सगुन मनाये हरदी रंग रंगीले हे।
भावार्थ एवं संदर्भ
विवाह में हल्दी/उबटन चढ़ाने के समय गाया जाने वाला मंगल गीत, जिसमें बाबा, काका और मामा के आंगन में हल्दी पिसने और सगुन मनाने का उल्लास है।
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