Puja
सरस्वती वंदना
मैथिली लोक संगीत एवं स्वर पाठ
तानपूरा की शास्त्रीय संगति के साथ पारंपरिक मैथिली गीत का आनंद लें अथवा स्वयं गायन करें।
वर्तमान गायन / वाचन पंक्ति (1 / 9)
“जय जय हे भगवती सुरभारती”
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मैथिली बोल
जय जय हे भगवती सुरभारती तव चरणौ प्रणमामः। नाद-ब्रह्ममयी जय वागीश्वरी शरणं ते गच्छामः। मिथिला के विदुषी, सब के ज्ञान देहूँ। वीणा-पुस्तक-रंजित हस्ते भगवती भारती देवी नमस्ते। बुद्धि-विद्या देहूँ, अज्ञान हरूँ तव चरणौ प्रणमामः।
भावार्थ एवं संदर्भ
सरस्वती वंदना — मिथिला की लोक-परंपरा और संस्कार (Puja) से जुड़ा पारंपरिक मैथिली लोकगीत। A Sanskrit-Maithili prayer to Goddess Saraswati, the patron deity of learning, vital in Mithila's scholarly culture. It asks for wisdom, knowledge, and the removal of ignorance.
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