गीत पर घुरु
Puja

सरस्वती वंदना

मैथिली बोल

जय जय हे भगवती सुरभारती तव चरणौ प्रणमामः। नाद-ब्रह्ममयी जय वागीश्वरी शरणं ते गच्छामः। मिथिला के विदुषी, सब के ज्ञान देहूँ। वीणा-पुस्तक-रंजित हस्ते भगवती भारती देवी नमस्ते। बुद्धि-विद्या देहूँ, अज्ञान हरूँ तव चरणौ प्रणमामः।

भावार्थ