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Jitiya

जितिया पावनि

मैथिली लोक संगीत एवं स्वर पाठ

तानपूरा की शास्त्रीय संगति के साथ पारंपरिक मैथिली गीत का आनंद लें अथवा स्वयं गायन करें।

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“जितिया पावनि बड भारी”

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मैथिली बोल

जितिया पावनि बड भारी धिया-पुता के लागी करय उपवास। सिल-लोढ़ा पूजय, चिल्हो-सियार पूजय जिमूतवाहन, रक्षा करीहें। निर्जला उपवास रहली मैया ललना के दीहें आशीष हे जुग-जुग जियय मोर बबुआ इहे वरदान माँगी हे।

भावार्थ एवं संदर्भ

जितिया पावनि — मिथिला की लोक-परंपरा और संस्कार (Jitiya) से जुड़ा पारंपरिक मैथिली लोकगीत। Sung during Jitiya (Jivitputrika Vrat), a tough fast kept by mothers for the long life of their children. It mentions worshipping Jimutvahana and offering to the hawk (Chilho) and fox (Siyar), while keeping a waterless fast.

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जुग-जुग जियसु ललनवा

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