Sawan
झूला गीत
मैथिली लोक संगीत एवं स्वर पाठ
तानपूरा की शास्त्रीय संगति के साथ पारंपरिक मैथिली गीत का आनंद लें अथवा स्वयं गायन करें।
वर्तमान गायन / वाचन पंक्ति (1 / 8)
“अमवा के डरिया पे, झूले रे कन्हैया”
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मैथिली बोल
अमवा के डरिया पे, झूले रे कन्हैया राधा झुलावे, धीरे-धीरे। रेशम रसीया, चंदन पतरा सावन के बहार हो। कदम के छैया में, बंशी बजावय गोपी सब नाचय, मन हरषाय। राधा-कृष्ण के, प्रेम कहानी जुग-जुग गाय, सब दुनिया।
भावार्थ एवं संदर्भ
झूला गीत — मिथिला की लोक-परंपरा और संस्कार (Sawan) से जुड़ा पारंपरिक मैथिली लोकगीत। A song for the swing ('Jhula') season in Sawan, usually depicting Radha and Krishna swinging together, playing the flute, and the Gopis dancing.
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