गीत पर घुरु
Sawan

झूला गीत

मैथिली बोल

अमवा के डरिया पे, झूले रे कन्हैया राधा झुलावे, धीरे-धीरे। रेशम रसीया, चंदन पतरा सावन के बहार हो। कदम के छैया में, बंशी बजावय गोपी सब नाचय, मन हरषाय। राधा-कृष्ण के, प्रेम कहानी जुग-जुग गाय, सब दुनिया।

भावार्थ