Jhijhiya (Dussehra)
झिझिया
मैथिली लोक संगीत एवं स्वर पाठ
तानपूरा की शास्त्रीय संगति के साथ पारंपरिक मैथिली गीत का आनंद लें अथवा स्वयं गायन करें।
वर्तमान गायन / वाचन पंक्ति (1 / 9)
“तोहरे भरोसा बरहम बाबा”
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मैथिली बोल
तोहरे भरोसा बरहम बाबा झिझिया बनल हो। माथे प घैला, घैला प दिया नाचै छै झिझिया, गावय छै गिया अन-धन सोन-चाँदी, देहूँ बाबा। डायन-जोगिन, नजर न लावे गाम के रक्षा करीहें बाबा झिलमिल-झिलमिल दिया जरय सातों बहिनिया संग आय।
भावार्थ एवं संदर्भ
झिझिया — मिथिला की लोक-परंपरा और संस्कार (Jhijhiya (Dussehra)) से जुड़ा पारंपरिक मैथिली लोकगीत। Sung during the Jhijhiya dance in Dussehra. Women dance with earthen pots ('Ghaila') with holes and lamps inside on their heads, praying to 'Barham Baba' for protection and prosperity, and warding off evil spirits.
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