Chhath Puja
छठ पूजा - केलवा जे फरेला
मैथिली लोक संगीत एवं स्वर पाठ
तानपूरा की शास्त्रीय संगति के साथ पारंपरिक मैथिली गीत का आनंद लें अथवा स्वयं गायन करें।
वर्तमान गायन / वाचन पंक्ति (1 / 8)
“केलवा जे फरेला घवद से, ओह पर सुगा मेड़राय”
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मैथिली बोल
केलवा जे फरेला घवद से, ओह पर सुगा मेड़राय मारबौ रे सुगवा धनुष से, सुगा गिरे मुरझाय। सुगनी जे रोवेली वियोग से, आदित होइ ना सहाय अमरु जे फरेला घवद से, ओह पर सुगा मेड़राय। काँच ही बाँस के बहंगिया, बहंगी लचकत जाय होइ ना बलम जी कहरिया, बहंगी घाट पहुँचाय। बाट जे पूछेला बटोहिया, बहंगी केकरा के जाय? तू त आन्हर हवै रे बटोहिया, बहंगी छठी माई के जाय।
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