चैता - मास बैशाख
मैथिली लोक संगीत एवं स्वर पाठ
तानपूरा की शास्त्रीय संगति के साथ पारंपरिक मैथिली गीत का आनंद लें अथवा स्वयं गायन करें।
“रामा हो, चैत मासे चुनरी रंगा देब हो”
मैथिली बोल
रामा हो, चैत मासे चुनरी रंगा देब हो अरे रामा, पिया के पियरिया हो रामा... चलली जो धनिया, अरे रामा अपने बजारिया हो रामा... गेहूँ कटाय, खलिहान में आयल किसान के मन, हरषाय हो रामा नया अन्नाज, घर में आयल चैत के गीत, सब गाय हो रामा।
भावार्थ एवं संदर्भ
चैता - मास बैशाख — मिथिला की लोक-परंपरा और संस्कार (Summer (Chait)) से जुड़ा पारंपरिक मैथिली लोकगीत। Chaita is sung in the month of Chaitra (March-April). It reflects the mixed feelings of spring ending and the hard work of the harvest season (wheat harvest mentioned), often with romantic undertones about buying gifts.
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