सिन्दूर दान मंत्र
“यह वधू अत्यंत मंगलमय है। आप सब आकर इसे देखें। इसे सौभाग्य का आशीर्वाद देकर अपने-अपने (गंतव्य) को प्रस्थान करें।”
ॐ सुमंगलीरियं वधूरिमां समेत पश्यत।
सौभाग्यमस्यै दत्त्वा याथास्तं विपरेतन।।
“Om Sumangali-riyam Vadhurimam Sameta Pashyata. Saubhagyam-asyai Dattva Yathastam Viparetana.”
