Vivah (Shiva)
शिव विवाह गीत
मैथिली लोक संगीत एवं स्वर पाठ
तानपूरा की शास्त्रीय संगति के साथ पारंपरिक मैथिली गीत का आनंद लें अथवा स्वयं गायन करें।
वर्तमान गायन / वाचन पंक्ति (1 / 8)
“शिव जी के बियाह में, सब देव जुटला”
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मैथिली बोल
शिव जी के बियाह में, सब देव जुटला भूत-प्रेत, नंदी-भृंगी, सब बराती। गौरा के मैना, देखि डराये इ की रूप वर के, हमरा नहि भावे। हड्डी के माला, साँप के लपेटा बैल प चढ़ि आयल, जटा जूटधारी। बाजा बाजय डमरू, नाचय सब भूतवा देखि-देखि हँसय, सब नगर-पुरवासी।
भावार्थ एवं संदर्भ
शिव विवाह गीत — मिथिला की लोक-परंपरा और संस्कार (Vivah (Shiva)) से जुड़ा पारंपरिक मैथिली लोकगीत। Describes the wedding of Shiva and Parvati, highlighting the chaotic and eccentric procession ('Baraat') of ghosts and ghouls that scares Parvati's mother but amuses the townspeople.
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