← गीतों पर वापस
Modern Folk

रेल गाड़ी (आधुनिक)

मैथिली लोक संगीत एवं स्वर पाठ

तानपूरा की शास्त्रीय संगति के साथ पारंपरिक मैथिली गीत का आनंद लें अथवा स्वयं गायन करें।

वर्तमान गायन / वाचन पंक्ति (1 / 4)

“छुक-छुक चलै छै, रेल गड़िया”

जिस पंक्ति से सुनना चाहें, उस पर टैप करें:

मैथिली बोल

छुक-छुक चलै छै, रेल गड़िया पटना सँ आयल, मिथिला नगरिया। बाबू साहेब, टिकट कटौलनि भीड़-भाड़ में, जगह बनौलनि।

भावार्थ एवं संदर्भ

रेल गाड़ी (आधुनिक) — मिथिला की लोक-परंपरा और संस्कार (Modern Folk) से जुड़ा पारंपरिक मैथिली लोकगीत। A modern folk song describing the arrival of the train in Mithila, connecting it to Patna. It reflects the excitement of travel and modernization.

संबंधित अन्वेषण

अन्य प्रसिद्ध मैथिली लोकगीत

संबंधित लोककथाएं, संगीत, कला व दर्शनीय स्थल देखें

जुग-जुग जियसु ललनवा
Ritual
Audio & Lyrics

जुग-जुग जियसु ललनवा

नवजात शिशु के जन्म पर गाया जाने वाला पारंपरिक सोहर। इसमें शिशु की दीर्घायु ("जुग-जुग जियसु") और कुल का दीपक बनने की मंगलकामना की गई है।

🎵 Sohar (Birth)

विस्तार से देखें
सोहर - मंगला चरण
Ritual
Audio & Lyrics

सोहर - मंगला चरण

संतान की रक्षा और दीर्घायु की अधिष्ठात्री देवी छठी मैया की स्तुति में गाया जाने वाला भक्तिपूर्ण सोहर मंगलाचरण।

🎵 Sohar (Birth)

विस्तार से देखें
बरुआ रे तोरा सासुर
Ritual
Audio & Lyrics

बरुआ रे तोरा सासुर

उपनयन (जनेऊ) संस्कार के अवसर पर गाया जाने वाला पारंपरिक गीत, जिसमें बरुआ (बटु) को जुलाहा, धोबी, सोनार और मालिन से यज्ञोपवीत व वस्त्र मांगने का मधुर वर्णन है।

🎵 Upanayan (Sacred Thread)

विस्तार से देखें
उबटन (हल्दी गीत)
Ritual
Audio & Lyrics

उबटन (हल्दी गीत)

विवाह में हल्दी/उबटन चढ़ाने के समय गाया जाने वाला मंगल गीत, जिसमें बाबा, काका और मामा के आंगन में हल्दी पिसने और सगुन मनाने का उल्लास है।

🎵 Vivah (Wedding)

विस्तार से देखें
Next to Explore

मिथिला विरासत का निरंतर अन्वेषण करें

संबंधित मुख्य मंचों, उपयोगी टूल्स और परंपराओं को देखें