Jur Sital
नव वर्ष (जुड़ शीतल)
मैथिली लोक संगीत एवं स्वर पाठ
तानपूरा की शास्त्रीय संगति के साथ पारंपरिक मैथिली गीत का आनंद लें अथवा स्वयं गायन करें।
वर्तमान गायन / वाचन पंक्ति (1 / 6)
“आजु जुड़ शीतल, पावनि सुहावन”
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मैथिली बोल
आजु जुड़ शीतल, पावनि सुहावन बड़का के प्रणाम, छोटका के आशीष। बासी भात, बड़ी और कढ़ी खाए लेल मिलल, सब परिवार। माथ पर पानी, देलनि दादाजी जुड़ाएल रहू, आशीर्वाद देलनि।
भावार्थ एवं संदर्भ
नव वर्ष (जुड़ शीतल) — मिथिला की लोक-परंपरा और संस्कार (Jur Sital) से जुड़ा पारंपरिक मैथिली लोकगीत। Sung during Jur Sital (Maithili New Year/Mesh Sankranti). Elders pour water on the heads of younger ones to bless them with a 'cool' and peaceful year. Traditional food like Badi-Kadhi and stale rice is eaten.
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