Lullaby
मैथिली लोरी
मैथिली लोक संगीत एवं स्वर पाठ
तानपूरा की शास्त्रीय संगति के साथ पारंपरिक मैथिली गीत का आनंद लें अथवा स्वयं गायन करें।
वर्तमान गायन / वाचन पंक्ति (1 / 8)
“नीन गये, आबय नय”
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मैथिली बोल
नीन गये, आबय नय बबुना के, सुतावय नय। चंदा मामा आरे आव पारे आव, नदिया किनारे आव बबुना के, दूध-भात खाव। सोने के कटोरी में, दूध भात रुपवा के चमच, खिलावय नय बबुना के, हँसावय नय।
भावार्थ एवं संदर्भ
मैथिली लोरी — मिथिला की लोक-परंपरा और संस्कार (Lullaby) से जुड़ा पारंपरिक मैथिली लोकगीत। A traditional lullaby inviting sleep ('Neen') and Uncle Moon ('Chanda Mama') to come across the river to feed the baby milk and rice from a golden bowl.
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