← गीतों पर वापस
Pilgrimage

जनकपुर यात्रा (नेपाल)

मैथिली लोक संगीत एवं स्वर पाठ

तानपूरा की शास्त्रीय संगति के साथ पारंपरिक मैथिली गीत का आनंद लें अथवा स्वयं गायन करें।

वर्तमान गायन / वाचन पंक्ति (1 / 6)

“चलूँ सखी, जनकपुर धाम देखि आबी”

जिस पंक्ति से सुनना चाहें, उस पर टैप करें:

मैथिली बोल

चलूँ सखी, जनकपुर धाम देखि आबी राम जी के सासुर, जानकी के गाम देखि आबी। नौलखा मन्दिर, सिशमहल सोहय गंगासागर पोखरि, मनवा मोहय। साधु-संत के, लागल जमाड़ा जय सिया राम के, गूंजय जयकारा।

भावार्थ एवं संदर्भ

जनकपुर यात्रा (नेपाल) — मिथिला की लोक-परंपरा और संस्कार (Pilgrimage) से जुड़ा पारंपरिक मैथिली लोकगीत। A song inviting friends to visit Janakpur (in Nepal), the birthplace of Sita and father-in-law's place of Lord Ram. It praises the Naulakha Mandir and Gangasagar pond.

संबंधित अन्वेषण

अन्य प्रसिद्ध मैथिली लोकगीत

संबंधित लोककथाएं, संगीत, कला व दर्शनीय स्थल देखें

जुग-जुग जियसु ललनवा
Ritual
Audio & Lyrics

जुग-जुग जियसु ललनवा

नवजात शिशु के जन्म पर गाया जाने वाला पारंपरिक सोहर। इसमें शिशु की दीर्घायु ("जुग-जुग जियसु") और कुल का दीपक बनने की मंगलकामना की गई है।

🎵 Sohar (Birth)

विस्तार से देखें
सोहर - मंगला चरण
Ritual
Audio & Lyrics

सोहर - मंगला चरण

संतान की रक्षा और दीर्घायु की अधिष्ठात्री देवी छठी मैया की स्तुति में गाया जाने वाला भक्तिपूर्ण सोहर मंगलाचरण।

🎵 Sohar (Birth)

विस्तार से देखें
बरुआ रे तोरा सासुर
Ritual
Audio & Lyrics

बरुआ रे तोरा सासुर

उपनयन (जनेऊ) संस्कार के अवसर पर गाया जाने वाला पारंपरिक गीत, जिसमें बरुआ (बटु) को जुलाहा, धोबी, सोनार और मालिन से यज्ञोपवीत व वस्त्र मांगने का मधुर वर्णन है।

🎵 Upanayan (Sacred Thread)

विस्तार से देखें
उबटन (हल्दी गीत)
Ritual
Audio & Lyrics

उबटन (हल्दी गीत)

विवाह में हल्दी/उबटन चढ़ाने के समय गाया जाने वाला मंगल गीत, जिसमें बाबा, काका और मामा के आंगन में हल्दी पिसने और सगुन मनाने का उल्लास है।

🎵 Vivah (Wedding)

विस्तार से देखें
Next to Explore

मिथिला विरासत का निरंतर अन्वेषण करें

संबंधित मुख्य मंचों, उपयोगी टूल्स और परंपराओं को देखें