Vidai
डोली विदाई
मैथिली लोक संगीत एवं स्वर पाठ
तानपूरा की शास्त्रीय संगति के साथ पारंपरिक मैथिली गीत का आनंद लें अथवा स्वयं गायन करें।
वर्तमान गायन / वाचन पंक्ति (1 / 6)
“डोली चढ़ ली हे, सवरिया”
जिस पंक्ति से सुनना चाहें, उस पर टैप करें:
मैथिली बोल
डोली चढ़ ली हे, सवरिया हमरो छोड़ि चल ली, अनकर नगरिया। भाई रोवय, भतीजा रोवय रोवय महतारी। बड़ा रे जतन से, पालल पसल आजु भेल ही, तू हमरा से परायी।
भावार्थ एवं संदर्भ
डोली विदाई — मिथिला की लोक-परंपरा और संस्कार (Vidai) से जुड़ा पारंपरिक मैथिली लोकगीत। Another touching farewell song where the bride enters the palanquin ('Doli'). The brother, nephew, and mother cry as she leaves for "another city" (in-laws' home).
संबंधित अन्वेषण
अन्य प्रसिद्ध मैथिली लोकगीत
संबंधित लोककथाएं, संगीत, कला व दर्शनीय स्थल देखें
Next to Explore
मिथिला विरासत का निरंतर अन्वेषण करें
संबंधित मुख्य मंचों, उपयोगी टूल्स और परंपराओं को देखें
