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डोली विदाई
मैथिली लोक संगीत आ स्वर पाठ
तानपूराक शास्त्रीय संगति संग पारंपरिक मैथिली गीतक आनंद लिअ अथवा स्वयं गायन करू।
वर्तमान गायन / वाचन पंक्ति (1 / 6)
“डोली चढ़ ली हे, सवरिया”
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मैथिली बोल
डोली चढ़ ली हे, सवरिया हमरो छोड़ि चल ली, अनकर नगरिया। भाई रोवय, भतीजा रोवय रोवय महतारी। बड़ा रे जतन से, पालल पसल आजु भेल ही, तू हमरा से परायी।
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