Vidai (Farewell)
समदौन (बेटी विदाई)
मैथिली लोक संगीत आ स्वर पाठ
तानपूराक शास्त्रीय संगति संग पारंपरिक मैथिली गीतक आनंद लिअ अथवा स्वयं गायन करू।
वर्तमान गायन / वाचन पंक्ति (1 / 11)
“बड़ रे जतन सँ सिया जी के पोसलहुँ”
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मैथिली बोल
बड़ रे जतन सँ सिया जी के पोसलहुँ सेहो रघुवर टुटलहुँ ना उपवन फूल ले लाड़िली, सेहो विधहिं मलीन भेलहुँ ना। कतय सुतति सिय, कतय सुतति रघुवर कोदो रे मरुआ, सेहो सिया जी के भोजन दूध रे मखान रघुवर भोजन सेहो रघुवर टुटलहुँ ना। कुश रे कांट पथ, बन में बिछाओन कोमल चरण सिया, चलत डेराओन हृदय हमार फाट, नयन बह नीरे विधि के लिखल गति, केओ न टारे।
भावार्थ एवं संदर्भ
मिथिलाक मर्मस्पर्शी समदौन (बेटी विदाई गीत), जाहि मे माता-पिता बड़ जतन सँ पोसल अपन धिया (सीता रूप) क विदागरी पर हृदयस्पर्शी भाव व्यक्त करैत छथि।
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