Sohar (Birth)
सोहर - मंगला चरण
मैथिली लोक संगीत आ स्वर पाठ
तानपूराक शास्त्रीय संगति संग पारंपरिक मैथिली गीतक आनंद लिअ अथवा स्वयं गायन करू।
वर्तमान गायन / वाचन पंक्ति (1 / 9)
“पहिलहिं मंगल आजु, ए छठी मैया”
जे पंक्ति सँ सुनय चाहैत छी, ताहि पर टैप करू:
मैथिली बोल
पहिलहिं मंगल आजु, ए छठी मैया दुसरहिं मंगल हे, छठी मैया तिसरहिं मंगल आजु, ए छठी मैया चौथहिं मंगल हे, छठी मैया। सोने के खडाऊं हे, छठी मैया रुपा के खडाऊं हे, छठी मैया महिंमा अपरम्पार हे, छठी मैया। अंचरा पसारि माँगी, भीख तोरा लगिया हंसी-हंसी देहूँ दनवा हे, छठी मैया।
संबंधित अन्वेषण
अन्य प्रसिद्ध मैथिली लोकगीत
संबंधित लोककथा, संगीत, कला आ दर्शनीय स्थल देखू
Next to Explore
मिथिला विरासतक निरंतर अन्वेषण करू
संबंधित मुख्य मंच, उपयोगी टूल्स आ परंपरा सभकें देखू
