Upanayan (Sacred Thread)
बरुआ रे तोरा सासुर
मैथिली लोक संगीत आ स्वर पाठ
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वर्तमान गायन / वाचन पंक्ति (1 / 15)
“बरुआ रे तोरा सासुर बड दूर”
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मैथिली बोल
बरुआ रे तोरा सासुर बड दूर जहि रे नगरिया बरुआ जायब, सेहो नगर बड दूर बरुआ रे... बाटहि में भेटल एक जोलहा, जोलहा रे हमरो बरुआ के सुतवा दिह हे, जोलहा बरुआ रे... बाटहि में भेटल एक धोबिया, धोबिया रे हमरो बरुआ के धोती दिह हे, धोबिया बरुआ रे... बाटहि में भेटल एक सोनरा, सोनरा रे हमरो बरुआ के जनउआ दिह हे, सोनरा बरुआ रे... बाटहि में भेटल एक मालिन, मालिन रे हमरो बरुआ के फुलवा दिह हे, मालिन बरुआ रे...
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