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बट सावित्री पावनि (बरसाइत)

बट सावित्री पावनि (बरसाइत)

किएल मनाओल जाइत अछि

सुहागिन महिला सभ अपन स्वामीक दीर्घायु आ अखंड सुहागक कामना सँ सती सावित्री आ बरक गाछक पूजा करैत छथि।

इतिहास आ कथा

सावित्री आ सत्यवानक पौराणिक कथा पर आधारित, जतय सावित्री अपन पतिव्रता धर्म आ ज्ञानक बल पर यमराज सँ स्वामीक प्राण घुरेने छलीह।

कखनि मनाओल जाइत अछि

जेठ कृष्ण अमावस्या (१६ मई २०२६)।

कोना मनाओल जाइत अछि

बरक गाछ तर अरिपन दऽ माटिक नाग-नागिन आ गौरीक पूजा, आम-लीची आ फुलाओल बूटक भोग, कच्चा ताग लपेटि कऽ परिक्रमा आ बांसक पंखा (बीजना) डोलाएब।

पावनि क बारे मे

मिथिला मे अहि पावनि केँ "बरसाइत" कहल जाइत अछि। नवविवाहिता कनिंयाक पहिल बरसाइत बड़ धूमधाम सँ मनाओल जाइत अछि आ सावित्री-सत्यवानक कथा सुनल जाइत अछि।