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Cultural Celebration

मिथिला पुनर्जागरण २०२६

मैथिली लोक संगीत एवं स्वर पाठ

तानपूरा की शास्त्रीय संगति के साथ पारंपरिक मैथिली गीत का आनंद लें अथवा स्वयं गायन करें।

वर्तमान गायन / वाचन पंक्ति (1 / 8)

उठू जागू मिथिला के सपूत

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मैथिली बोल

उठू जागू मिथिला के सपूत नब युग के ई अछि दूत। कलम पकड़ू, कूची पकड़ू संस्कृति के डोरी जोरू। आईटी हब बनत दरभंगा ग्लोबल मखान, मिथिला के गंगा। दुनिया देखत Maithil Power शिखर पर पहुँचे माँ के टावर।

भावार्थ एवं संदर्भ

नव्या झा द्वारा गाया गया यह गीत मिथिला के युवाओं को आधुनिकता और परंपरा के मेल के साथ आगे बढ़ने का संदेश देता है।

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