गीतों पर वापस
All Seasons

बारहमासा

मैथिली लोक संगीत एवं स्वर पाठ

तानपूरा की शास्त्रीय संगति के साथ पारंपरिक मैथिली गीत का आनंद लें अथवा स्वयं गायन करें।

वर्तमान गायन / वाचन पंक्ति (1 / 12)

अगहन मास जे धान सुखाएल

जिस पंक्ति से सुनना चाहें, उस पर टैप करें:

मैथिली बोल

अगहन मास जे धान सुखाएल पूस मास जाड़ हो माघ मास जे पाला पड़ल फागुन में रंग गुलाल हो। चैत मास में कटनी होय वैशाख में लगनी होर जेठ मास जे लू बहाय आषाढ़ में बरखा जोर। सावन में सब हरियर होय भादो में नदी उफान आशिन में दुर्गा पूजा कातिक में छठ महान।

संबंधित अन्वेषण

अन्य प्रसिद्ध मैथिली लोकगीत

संबंधित लोककथाएं, संगीत, कला व दर्शनीय स्थल देखें

Next to Explore

मिथिला विरासत का निरंतर अन्वेषण करें

संबंधित मुख्य मंचों, उपयोगी टूल्स और परंपराओं को देखें