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दीपावली, हुक्कापाती एवं मिथिला श्यामा पूजा

दीपावली, हुक्कापाती एवं मिथिला श्यामा पूजा

क्यों मनाया जाता है

कार्तिक अमावस्या को महालक्ष्मी के स्वागत और आद्याशक्ति माँ श्यामा (काली) की उपासना का महापर्व।

इतिहास और कथा

मिथिला में दीपावली पर वैदिक लक्ष्मी पूजा के साथ-साथ दरभंगा के प्रसिद्ध श्यामा माई मंदिर सहित पूरे क्षेत्र में तांत्रिक काली पूजा की प्राचीन परंपरा है।

कब मनाया जाता है

कार्तिक कृष्ण अमावस्या (८ नवंबर २०२६)।

कैसे मनाया जाता है

आँगन में अरिपन, संध्या में पटुआ की सनठी से "हुक्कापाती" खेलना ("लक्ष्मी घर आउ, दरिद्र बाहर जाउ"), ओल की सब्जी खाना और रात्रि में काली पूजा।

त्योहार के बारे में

मिथिला की दीपावली अपनी अनूठी "हुक्कापाती" परंपरा और ओल (सूरन) खाने के शगुन के लिए जानी जाती है। रात्रि में माँ श्यामा नामधुन और भगवती गीतों से समूचा मिथिलांचल भक्तिमय हो उठता है।