Vivah (Kohbar Sanskar)
पुरइन पात कोहबर गीत (कोहबर संस्कार)
मैथिली लोक संगीत आ स्वर पाठ
तानपूराक शास्त्रीय संगति संग पारंपरिक मैथिली गीतक आनंद लिअ अथवा स्वयं गायन करू।
वर्तमान गायन / वाचन पंक्ति (1 / 8)
“पुरइन पात पर लिखल गेल कोहबर,”
जे पंक्ति सँ सुनय चाहैत छी, ताहि पर टैप करू:
मैथिली बोल
पुरइन पात पर लिखल गेल कोहबर, ताहि चढ़ि बैसला दुलहा श्रीराम हे। बाँसक कमची आ काजरक रेखिया, सखी सब मिलि लिखथि अरिपन महान हे। लोटिया मे पानि आ पुरहर सजायल, सिंदूर दान सँ जुड़ल सातहु जनम हे। चंदा-सुरुज साक्षी, नैना-जोगिन ठाढ़ि, अचल रहौ अहाँक सिंदूर-सोहाग हे।
भावार्थ एवं संदर्भ
कोहबर घर मे पुरइन (कमल पात), बाँस, माछ आ नैना-जोगिनक चित्रणक सोझाँ नवदंपतिक अखंड सिंदूर-सोहाग लेल गाओल जाइबला पारंपरिक कोहबर गीत।
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