Indra Puja
इन्द्र पूजा
मैथिली लोक संगीत आ स्वर पाठ
तानपूराक शास्त्रीय संगति संग पारंपरिक मैथिली गीतक आनंद लिअ अथवा स्वयं गायन करू।
वर्तमान गायन / वाचन पंक्ति (1 / 4)
“इन्द्र राजा, बरखा देहूँ”
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मैथिली बोल
इन्द्र राजा, बरखा देहूँ सूखल खेत, हरियर करूँ। बजरंग बली, तोहरे दुआर मेघ राजा, सुनूँ पुकार।
भावार्थ एवं संदर्भ
इन्द्र पूजा — मिथिलाक लोक-परंपरा आ संस्कार (Indra Puja) सँ जुड़ल पारंपरिक मैथिली लोकगीत। A folk prayer to Lord Indra for rain during dry spells. Farmers look at the sky and plead for the revival of their parched fields.
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