Holi (Vasant)
फगुआ - होली
मैथिली लोक संगीत आ स्वर पाठ
तानपूराक शास्त्रीय संगति संग पारंपरिक मैथिली गीतक आनंद लिअ अथवा स्वयं गायन करू।
वर्तमान गायन / वाचन पंक्ति (1 / 9)
“होलिया में उड़े रे गुलाल”
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मैथिली बोल
होलिया में उड़े रे गुलाल कहियो रे मंगेतर, कहियो रे। लाल गुलाल, हरा गुलाल उड़त अबीर गुलाल कहियो रे मंगेतर... जोगीरा सररर... कौन ताल पर ढोलक बाजे, कौन ताल मृदंग कौन ताल पर गोरिया नाचे, कौन ताल पर रंग जोगीरा सररर...
भावार्थ एवं संदर्भ
फगुआ - होली — मिथिलाक लोक-परंपरा आ संस्कार (Holi (Vasant)) सँ जुड़ल पारंपरिक मैथिली लोकगीत। A high-energy Holi song (Fagua) celebrating the festival of colors. 'Jogira Sarara' is a signature interjection in these songs. It asks about the rhythm of the drums and the dance.
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