Food/Humor
भात-दाल (व्यंजन गीत)
मैथिली लोक संगीत आ स्वर पाठ
तानपूराक शास्त्रीय संगति संग पारंपरिक मैथिली गीतक आनंद लिअ अथवा स्वयं गायन करू।
वर्तमान गायन / वाचन पंक्ति (1 / 8)
“मिथिला के भोजन, बड निक लागय”
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मैथिली बोल
मिथिला के भोजन, बड निक लागय अरवा चाउर के भात, रहडि के दाल हो। आलू बन्डा, ओल के चटनी तिलकोड़ के तरुआ, दही के मट्ठा हो। पापड़, तिलौरी, अदौरी बड़ी घेवड़ा के तरुआ, सजमन करी खाय लेल बैसल, घर के पहुना चाटत रह गेला, सब अंगुरिया।
भावार्थ एवं संदर्भ
भात-दाल (व्यंजन गीत) — मिथिलाक लोक-परंपरा आ संस्कार (Food/Humor) सँ जुड़ल पारंपरिक मैथिली लोकगीत। A lighthearted song praising the staple food of Mithila: Arwa Rice, Arhar Dal, Ol Chutney (Elephant Yam), Tilkor fritters, Papad, Adauri, and Gheura. It says the guests licked their fingers in delight.
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