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Food/Humor

भात-दाल (व्यंजन गीत)

मैथिली बोल

मिथिला के भोजन, बड निक लागय अरवा चाउर के भात, रहडि के दाल हो। आलू बन्डा, ओल के चटनी तिलकोड़ के तरुआ, दही के मट्ठा हो। पापड़, तिलौरी, अदौरी बड़ी घेवड़ा के तरुआ, सजमन करी खाय लेल बैसल, घर के पहुना चाटत रह गेला, सब अंगुरिया।

भावार्थ