Daily Prayer
गंगा स्तुति
मैथिली लोक संगीत आ स्वर पाठ
तानपूराक शास्त्रीय संगति संग पारंपरिक मैथिली गीतक आनंद लिअ अथवा स्वयं गायन करू।
वर्तमान गायन / वाचन पंक्ति (1 / 10)
“बड़ सुख सार पाओल तुअ तीरे”
जे पंक्ति सँ सुनय चाहैत छी, ताहि पर टैप करू:
मैथिली बोल
बड़ सुख सार पाओल तुअ तीरे छोड़इत निकट नयन बह नीरे। कर जोरि बिनमय विमल तरंग पुन दरसन होय पुनमति गंग। एक अपराध छेमब मोर जानी परसल माय पाय तुअ पानी। की करब जप तप जोग ध्याने जनम कृतार्थ एकहि स्नाने। भनई विद्यापति समद जाओ अंत काल जनु बिसरह मोहे।
संबंधित अन्वेषण
अन्य प्रसिद्ध मैथिली लोकगीत
संबंधित लोककथा, संगीत, कला आ दर्शनीय स्थल देखू
Next to Explore
मिथिला विरासतक निरंतर अन्वेषण करू
संबंधित मुख्य मंच, उपयोगी टूल्स आ परंपरा सभकें देखू
