Vivah (Gari)
राम विवाह - गारी
मैथिली लोक संगीत आ स्वर पाठ
तानपूराक शास्त्रीय संगति संग पारंपरिक मैथिली गीतक आनंद लिअ अथवा स्वयं गायन करू।
वर्तमान गायन / वाचन पंक्ति (1 / 6)
“जेवनार के समय, गारी गावे सखी सब”
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मैथिली बोल
जेवनार के समय, गारी गावे सखी सब राम जी के खियावे, खोआ औ मलाई। दशरथ जी के दाढ़ी में, घीउ के लपेटा देखू-देखू सखी, केहन लगै छै। लक्ष्मण भैया के, नाके पर गुस्सा खाय लेल बैठल, त रुसि गेलै।
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