गीत पर घुरु
Grinding/Work

लगनी गीत

मैथिली लोक संगीत आ स्वर पाठ

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वर्तमान गायन / वाचन पंक्ति (1 / 8)

जाँत-जाँत, जाँत रे

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मैथिली बोल

जाँत-जाँत, जाँत रे जाँता के बेटी... धीरे-धीरे पिसहूँ गे, ननदी गेहूँआ के मोट-मोट दना। सासुर जेबै, रोटी पकेबै सइयां के अपने खिएबै ननदी रे, तोरा लेल कंगन गढ़ैबै।

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