Monsoon (Sawan)
कजरी - सावन
मैथिली लोक संगीत आ स्वर पाठ
तानपूराक शास्त्रीय संगति संग पारंपरिक मैथिली गीतक आनंद लिअ अथवा स्वयं गायन करू।
वर्तमान गायन / वाचन पंक्ति (1 / 10)
“रिमझिमि बरसेला बदरिया,”
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मैथिली बोल
रिमझिमि बरसेला बदरिया, मनवा हमार तरसे हो। सावन में झूले कृष्ण-राधा कदम के डरिया हो। रिमझिमि बरसेला बूँद सुहावन पिया परदेस, जियरा घबरावन। मोरवा नाचै, कोयल बोलै दादुर शोर मचाये हो काली घटा, नभ में छाये बिजुली चमक डराये हो।
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