संबंधित अन्वेषण

अन्य महान विभूतियां

संबंधित लोककथाएं, संगीत, कला व दर्शनीय स्थल देखें

महर्षि गौतम
Ancient Sages & Philosophers
3 min

महर्षि गौतम

महर्षि गौतम (अक्षपाद) न्याय दर्शन के संस्थापक थे, जो भारतीय चिंतन पद्धतियों में से एक है। मिथिला के बौद्धिक केंद्र में रहते हुए, उन्होंने 'न्याय सूत्र' की रचना की, जिसने तर्क, वाद और ज्ञानमीमांसा के नियमों को संहिताबद्ध किया। उनकी अन्वीक्षिकी (तर्क) पद्धति ने सदियों तक भारतीय दर्शन को एक तार्किक ढांचा प्रदान किया। दरभंगा के निकट स्थित गौतम आश्रम उनकी अमिट विरासत का प्रमाण है।

🏛️ -

विस्तार से देखें
महर्षि याज्ञवल्क्य
Ancient Sages & Philosophers
3 min

महर्षि याज्ञवल्क्य

वैदिक काल के एक महान विभूति, महर्षि याज्ञवल्क्य 'बृहदारण्यक उपनिषद' के प्रमुख दार्शनिक हैं। राजा जनक की सभा में प्रधान ऋषि के रूप में, उन्होंने आत्मा और ब्रह्म के दर्शन (वेदांत) का प्रतिपादन किया। उन्हें हिंदू कानून पर एक प्रमुख ग्रंथ 'याज्ञवल्क्य स्मृति' और 'शुक्ल यजुर्वेद' का श्रेय भी दिया जाता है। मैत्रेयी और गार्गी के साथ उनके संवाद, तत्वमीमांसा की जिज्ञासा के शिखर माने जाते हैं।

🏛️ -

विस्तार से देखें
मंडन मिश्र
Ancient Sages & Philosophers
3 min

मंडन मिश्र

मीमांसा और अद्वैत वेदांत के 8वीं शताब्दी के प्रकांड विद्वान, मंडन मिश्र ने माहिष्मती (मिथिला) में अपने घर पर महान आदि शंकराचार्य के साथ ऐतिहासिक शास्त्रार्थ किया था। मूल रूप से कर्मकांड के कट्टर समर्थक, वे अपने ऐतिहासिक वाद-विवाद के बाद शंकर के सबसे महान शिष्यों (सुरेश्वराचार्य) में से एक बन गए। उनकी रचना 'ब्रह्मसिद्धि' अद्वैत दर्शन में एक महत्वपूर्ण ग्रंथ है।

🏛️ -

विस्तार से देखें
भारती
Ancient Sages & Philosophers
3 min

भारती

भारती (उभयभारती) मंडन मिश्र की विदुषी पत्नी थीं और प्राचीन मिथिला में महिला बौद्धिक शक्ति का प्रतीक थीं। उन्होंने अपने पति और आदि शंकराचार्य के बीच पौराणिक शास्त्रार्थ में निष्पक्ष न्यायाधीश की भूमिका निभाई। जब मंडन मिश्र हार गए, तो उन्होंने स्वयं कामशास्त्र और गृहस्थ जीवन के विज्ञान पर शंकर को चुनौती दी, जिससे संन्यासी को भी उत्तर खोजने के लिए विवश होना पड़ा। उन्हें देवी सरस्वती का अवतार माना जाता है।

🏛️ -

विस्तार से देखें