Ancient Sages & Philosophers

महर्षि गौतम

महर्षि गौतम (अक्षपाद) न्याय दर्शन के संस्थापक थे, जो भारतीय चिंतन पद्धतियों में से एक है। मिथिला के बौद्धिक केंद्र में रहते हुए, उन्होंने 'न्याय सूत्र' की रचना की, जिसने तर्क, वाद और ज्ञानमीमांसा के नियमों को संहिताबद्ध किया। उनकी अन्वीक्षिकी (तर्क) पद्धति ने सदियों तक भारतीय दर्शन को एक तार्किक ढांचा प्रदान किया। दरभंगा के निकट स्थित गौतम आश्रम उनकी अमिट विरासत का प्रमाण है।