Ancient Sages & Philosophers

महर्षि याज्ञवल्क्य

वैदिक काल के एक महान विभूति, महर्षि याज्ञवल्क्य 'बृहदारण्यक उपनिषद' के प्रमुख दार्शनिक हैं। राजा जनक की सभा में प्रधान ऋषि के रूप में, उन्होंने आत्मा और ब्रह्म के दर्शन (वेदांत) का प्रतिपादन किया। उन्हें हिंदू कानून पर एक प्रमुख ग्रंथ 'याज्ञवल्क्य स्मृति' और 'शुक्ल यजुर्वेद' का श्रेय भी दिया जाता है। मैत्रेयी और गार्गी के साथ उनके संवाद, तत्वमीमांसा की जिज्ञासा के शिखर माने जाते हैं।