प्रमुख स्थल

आन्ध्रा ठाढ़ी

📍 मधुबनी, भारत

आन्ध्रा ठाढ़ी

बिहारक मधुबनी जिला में अवस्थित आन्ध्रा ठाढ़ी गाम अद्वैत वेदांतक प्रसिद्ध 'भामती' संप्रदायक जनक आ महान ९वीं शताब्दीक दार्शनिक वाचस्पति मिश्रक जन्मस्थली क' रूप में जानल जाइत अछि। भारतीय दर्शनक इतिहास में मिश्र केँ 'सर्व-तंत्र-स्व-तंत्र' क' रूप में सम्मानित कएल जाइत अछि—एकटा एहन दुर्लभ विद्वान जकर पकड़ आ अधिकार भारतीय दर्शनक हर प्रमुख संप्रदाय पर छल। ओ न्याय, योग, सांख्य आ वेदांत सहित ओहि समयक लगभग हर प्रमुख दर्शन पर आधारभूत टीका लिखलनि। हुनकर सभ सँ प्रतिष्ठित कृति 'भामती' अछि, जे आदि शंकराचार्यक ब्रह्मसूत्र भाष्य पर एकटा गहीर टिप्पणी थीक। एकटा भावुक मैथल किंवदंतीक अनुसार, मिश्र अपन लेखन में एतेक डूबल छलाह जे हुनका अपन पत्नी भामतीक आजीवन समर्पण आ मूक सहयोगक बोध ओहि दिन भेलनि जखन ओ अपन पोथी पूरा कएलनि। हुनका एही त्याग आ प्रेम क' सम्मान में ओ अपन कृतिक नाम 'भामती' रखलनि, जे तखन सँ बौद्धिक उपलब्धि केँ घरक सामंजस्य सँ जोड़य वला मैथिल परंपराक प्रतीक बनि गेल अछि। आन्ध्रा ठाढ़ी केवल एकटा जन्मस्थली नहि छल, बल्कि वैदिक विद्वत्ताक एकटा जीवंत केंद्र छल जे कहियो स्थानीय शासक सभक राजधानी सेहो छल। गामक आसपास 'वाचस्पति मिश्र डीह' सन कतेको पुरातात्विक टीला अछि जतय प्राचीन संरचना आ मूर्तिक अवशेष भेटल अछि।

योगदानकर्ता

✍️Mithilalegacy Team

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