Literature & Scholars

रामधारी सिंह दिनकर

📅 1908 - 1974

0%

रामधारी सिंह 'दिनकर' (१९०८–१९७४) एकटा भारतीय राष्ट्रवादी कवि छलाह जिनका 'राष्ट्रकवि' क रूप मे सम्मानित कएल गेल। सिमरिया मे जन्मल, 'रश्मिरथी' आ 'कुरुक्षेत्र' मे हुनकर शक्तिशाली कविता स्वतंत्रता संग्राम केँ प्रेरित कयलक आ युद्धक नैतिकता पर सवाल उठेलक। हालाँकि ओ मुख्य रूप सँ हिंदी मे लिखलनि, मुदा मिथिलाक माटि मे हुनकर जड़ि हुनकर कार्य केँ वीरता (वीर रस) आ न्यायक उग्र भावना सँ भरि देलक।

संबंधित अन्वेषण

अन्य महान व्यक्तित्व सभ

संबंधित लोककथा, संगीत, कला आ दर्शनीय स्थल देखू

महर्षि गौतम
Ancient Sages & Philosophers
3 min

महर्षि गौतम

महर्षि गौतम (अक्षपाद) ओ प्राचीन ऋषि छथि जे न्याय दर्शनक स्थापना कएलनि, जे भारतीय चिंतन पद्धतिय सँ एक अछि। मिथिलाक बौद्धिक केंद्र मे रहैत, ओ 'न्याय सूत्र' रचना कयलनि, जाहि मे तर्क, वाद आ ज्ञानमीमांसाक नियम सभ केँ संहिताबद्ध कएल गेल अछि। हुनकर अन्वीक्षिकी (तर्क) पद्धति सदी धरि भारतीय दर्शन केँ एकटा तार्किक ढांचा प्रदान कयलक। दरभंगाक निकट स्थित गौतम आश्रम हुनकर अमिट विरासतक प्रमाण अछि।

🏛️ -

विस्तार सँ देखू
महर्षि याज्ञवल्क्य
Ancient Sages & Philosophers
3 min

महर्षि याज्ञवल्क्य

वैदिक कालक एकटा महान विभूति, महर्षि याज्ञवल्क्य 'बृहदारण्यक उपनिषद' क प्रमुख दार्शनिक छथि। राजा जनकक सभा मे प्रधान ऋषिक रूप मे, ओ आत्मा आ ब्रह्मक दर्शन (वेदांत) प्रतिपादन कएलनि। हुनका हिंदू कानून पर एकटा प्रमुख ग्रंथ 'याज्ञवल्क्य स्मृति' आ 'शुक्ल यजुर्वेद' श्रेय सेहो देल जाइत अछि। मैत्रेयी आ गार्गीक संग हुनकर संवाद, तत्वमीमांसाक जिज्ञासाक शिखर मानल जाइत अछि।

🏛️ -

विस्तार सँ देखू
मंडन मिश्र
Ancient Sages & Philosophers
3 min

मंडन मिश्र

मीमांसा आ अद्वैत वेदांतक ८म शताब्दीक प्रकांड विद्वान, मंडन मिश्र माहिष्मती (मिथिला) मे अपन घर पर महान आदि शंकराचार्यक संग ऐतिहासिक शास्त्रार्थ कएलनि। मूल रूप सँ कर्मकांडक कट्टर समर्थक, ओ अपन ऐतिहासिक वाद-विवादक बाद शंकरक सब सँ महान शिष्य (सुरेश्वराचार्य) मे सँ एक भ गेलाह। हुनकर रचना 'ब्रह्मसिद्धि' अद्वैत दर्शन मे एकटा महत्वपूर्ण ग्रंथ अछि।

🏛️ -

विस्तार सँ देखू
भारती
Ancient Sages & Philosophers
3 min

भारती

भारती (उभयभारती) मंडन मिश्रक विदुषी पत्नी छलीह आ प्राचीन मिथिला मे महिला बौद्धिक शक्तिक प्रतीक छलीह। ओ अपन पति आ आदि शंकराचार्यक बीच पौराणिक शास्त्रार्थ मे निष्पक्ष न्यायाधीशक भूमिका निभौलनि। जखन मंडन मिश्र हारि गेलाह, तखन ओ स्वयं कामशास्त्र आ गृहस्थ जीवनक विज्ञान पर शंकर केँ चुनौती देलनि, जाहि सँ संन्यासी केँ सेहो उत्तर खोजवाक लेल विवश होय पड़लनि। हुनका देवी सरस्वतीक अवतार मानल जाइत अछि।

🏛️ -

विस्तार सँ देखू