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बउआ देवी

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बउआ देवी एकटा अग्रणी छथि जे मधुबनी पेंटिंग केँ घरेलू देबाल कला परंपरा सँ एकटा विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त कला रूप मे बदलबा मे मदद कएलनि। १९६६ मे, अकालक दौरान, ओ बिक्रीक लेल कागज पर एहि चित्र सभ केँ उतारय वाली पहिल महिला सभ मे सँ एक छलीह। एकटा पद्म श्री पुरस्कार विजेता, हुनकर काज बोल्ड नाग (सर्प) रूपांकनक विशेषता अछि आ दुनिया भरिक संग्रहालय सभ मे प्रदर्शित अछि। ओ मिथिलाक महिला लोकनिक लचीलापन आ रचनात्मकताक प्रतिनिधित्व करैत छथि।

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महर्षि गौतम
Ancient Sages & Philosophers
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महर्षि गौतम

महर्षि गौतम (अक्षपाद) ओ प्राचीन ऋषि छथि जे न्याय दर्शनक स्थापना कएलनि, जे भारतीय चिंतन पद्धतिय सँ एक अछि। मिथिलाक बौद्धिक केंद्र मे रहैत, ओ 'न्याय सूत्र' रचना कयलनि, जाहि मे तर्क, वाद आ ज्ञानमीमांसाक नियम सभ केँ संहिताबद्ध कएल गेल अछि। हुनकर अन्वीक्षिकी (तर्क) पद्धति सदी धरि भारतीय दर्शन केँ एकटा तार्किक ढांचा प्रदान कयलक। दरभंगाक निकट स्थित गौतम आश्रम हुनकर अमिट विरासतक प्रमाण अछि।

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महर्षि याज्ञवल्क्य
Ancient Sages & Philosophers
3 min

महर्षि याज्ञवल्क्य

वैदिक कालक एकटा महान विभूति, महर्षि याज्ञवल्क्य 'बृहदारण्यक उपनिषद' क प्रमुख दार्शनिक छथि। राजा जनकक सभा मे प्रधान ऋषिक रूप मे, ओ आत्मा आ ब्रह्मक दर्शन (वेदांत) प्रतिपादन कएलनि। हुनका हिंदू कानून पर एकटा प्रमुख ग्रंथ 'याज्ञवल्क्य स्मृति' आ 'शुक्ल यजुर्वेद' श्रेय सेहो देल जाइत अछि। मैत्रेयी आ गार्गीक संग हुनकर संवाद, तत्वमीमांसाक जिज्ञासाक शिखर मानल जाइत अछि।

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मंडन मिश्र
Ancient Sages & Philosophers
3 min

मंडन मिश्र

मीमांसा आ अद्वैत वेदांतक ८म शताब्दीक प्रकांड विद्वान, मंडन मिश्र माहिष्मती (मिथिला) मे अपन घर पर महान आदि शंकराचार्यक संग ऐतिहासिक शास्त्रार्थ कएलनि। मूल रूप सँ कर्मकांडक कट्टर समर्थक, ओ अपन ऐतिहासिक वाद-विवादक बाद शंकरक सब सँ महान शिष्य (सुरेश्वराचार्य) मे सँ एक भ गेलाह। हुनकर रचना 'ब्रह्मसिद्धि' अद्वैत दर्शन मे एकटा महत्वपूर्ण ग्रंथ अछि।

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भारती
Ancient Sages & Philosophers
3 min

भारती

भारती (उभयभारती) मंडन मिश्रक विदुषी पत्नी छलीह आ प्राचीन मिथिला मे महिला बौद्धिक शक्तिक प्रतीक छलीह। ओ अपन पति आ आदि शंकराचार्यक बीच पौराणिक शास्त्रार्थ मे निष्पक्ष न्यायाधीशक भूमिका निभौलनि। जखन मंडन मिश्र हारि गेलाह, तखन ओ स्वयं कामशास्त्र आ गृहस्थ जीवनक विज्ञान पर शंकर केँ चुनौती देलनि, जाहि सँ संन्यासी केँ सेहो उत्तर खोजवाक लेल विवश होय पड़लनि। हुनका देवी सरस्वतीक अवतार मानल जाइत अछि।

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