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जीतिया व्रत (जीवितपुत्रिका)

जीतिया व्रत (जीवितपुत्रिका)

किएल मनाओल जाइत अछि

मातृशक्ति द्वारा अपन संतानक संतानक दीर्घायु आ सुरक्षाक कठोर संकल्प।

इतिहास आ कथा

राजकुमार जीमूतवाहनक त्याग आ नाग कें बचाबय वाली महान कथा सँ जुड़ल।

कखनि मनाओल जाइत अछि

आसिन मासक कृष्ण पक्षक अष्टमी कें।

कोना मनाओल जाइत अछि

३६ घंटा क कठिन निर्जला उपवास, जीमूतवाहनक कथा सुनब आ नहाय-खाय क नियम।

पावनि क बारे मे

जीतिया मिथिलाक सबसँ कठिन व्रत मे सँ एक अछि। माता सब अपन बच्चाक सुख-सौभाग्य लेल बिना पानि पिहने ३६ घंटा तक उपवास रखैत छथि। ई पर्व मातृ-प्रेम आ संतान क प्रति समर्पणक पराकाष्ठा अछि। एहि दिन जीमूतवाहनक कथा सुनब बहुत जरूरी मानल जाइत अछि जे सहास आ परोपकार क सीख दैत अछि।