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Bhajan

जनक दुलारी

मैथिली लोक संगीत एवं स्वर पाठ

तानपूरा की शास्त्रीय संगति के साथ पारंपरिक मैथिली गीत का आनंद लें अथवा स्वयं गायन करें।

वर्तमान गायन / वाचन पंक्ति (1 / 8)

सिया हे जनक दुलारी

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मैथिली बोल

सिया हे जनक दुलारी तुहुन तो प्राण हमारी। राम के बाम अंग सोहय जग के मनवा मोहय। कनक भवन में रहिये, अथवा वन में विचरिये सब दिन अहाँ के चरनन में रहय ध्यान हमारी।

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