गीत पर घुरु
Ram Navami

भये प्रगट कृपाला

मैथिली बोल

भये प्रगट कृपाला, दीन दयाला कौशल्या हितकारी। हर्षित महतारी, मुनि मन हारी अद्भुत रूप विचारी। मिथिला के जमाय, राम रघुराय। लोचन अभिरामा, तनु घनश्यामा निज आयुध भुज चारी। भूषण वनमाला, नयन विशाला शोभा सिन्धु खरारी।

भावार्थ