Madhushravani
मधुश्रावणी
मैथिली लोक संगीत एवं स्वर पाठ
तानपूरा की शास्त्रीय संगति के साथ पारंपरिक मैथिली गीत का आनंद लें अथवा स्वयं गायन करें।
वर्तमान गायन / वाचन पंक्ति (1 / 8)
“सावन शुक्ल पच्छ, पंचमी के दिनवा”
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मैथिली बोल
सावन शुक्ल पच्छ, पंचमी के दिनवा नाग-नागिन के पूजा होय। नव-विवाहिता सजे-धजे अंचरा में फूल-पान लेल। टेमी दागब, नियम निभायब अखंड सोहाग के वरदान पाब। गौरी-शंकर के कथा सुनब सातों बहिनिया के पूजब।
भावार्थ एवं संदर्भ
मधुश्रावणी — मिथिला की लोक-परंपरा और संस्कार (Madhushravani) से जुड़ा पारंपरिक मैथिली लोकगीत। Sung during the Madhushravani festival, celebrated by newlywed brides in Sawan. It involves worshipping Naga deities (snake gods), listening to stories of Gauri-Shankar, and performing rituals like 'Temi Dagab' for eternal marital bliss.
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