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Madhushravani

मधुश्रावणी

मैथिली बोल

सावन शुक्ल पच्छ, पंचमी के दिनवा नाग-नागिन के पूजा होय। नव-विवाहिता सजे-धजे अंचरा में फूल-पान लेल। टेमी दागब, नियम निभायब अखंड सोहाग के वरदान पाब। गौरी-शंकर के कथा सुनब सातों बहिनिया के पूजब।

भावार्थ